अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो प्यार कैसा।
कि तुम भी तकलीफ में हो और हम भी तकलीफ में हैं।
कभी सोचा था, बिना तुमसे जीना मुश्किल होगा,
तुमसे प्यार करना मेरा सबसे बड़ा ग़म था,
तू बेवफा था या हम ही फरेब खा गए, तेरे प्यार में दिल भी हारा और जान भी गवां बैठे।
प्यार में कुछ चीज़ें इतनी हिम्मत और जज़्बात मांगती हैं, जो शायद कभी मिल नहीं पाती…!!!
लेकिन तुम्हारे बिना जीने का ग़म अब हर पल महसूस होता है…!!!
तू खुश है अपने जहां में, हम तन्हा बैठे हैं, तेरे बिना भी जी रहे हैं, पर जिंदा नहीं हैं।
न जाने कौन सी सजा दे गई मोहब्बत मुझको, कि तेरा होते हुए भी तेरा नहीं हूँ।
अब Sad Shayari यही लगता है, दूर हो कर जीने का तरीका ढूंढ लिया है…!!!
अब तुम्हारे बिना जीने का तरीका सीखने की कोशिश कर रहे हैं…!!!
अब वही प्यार हमें रुलाता है और तुमसे दूर कर चुका है…!!!
मोहब्बत तो थी पर मंज़ूर-ए-क़िस्मत न थी।
थक के बैठ जाऊं तो गले से लगा लेना ए जिंदगी अब किसी से उम्मीद नही रही हमें इस फरेबी जमाने में